चलती पट्टी

"श्री गाजणमाता यूथ ब्रिगेड भारत आपका हार्दिक स्वागत करता है ."

chalati patti

"श्री गाजण माता यूथ ब्रिगेड भारत (राष्ट्रीय युवा एकीकृत संगठन भारत) ."

पड़िहार (प्रतिहार) वंश कुलदेवी चामुंडा माता






               जय माँ कुल देवी

 (जय माँ गाजण)


राजस्थान थो जब राजपूतानो

इणमे प्रसिद्ध एक घराणो

देश  मे  थो  जानो  मानो

वो थो पडीहार राजपूतानो


पडीहारा रि कुल देवी

जगदंबा माँ चामुंडा

चामुंडा माँ गाजण केवाई

इणरे पीछे एक कथा बताई


पडीहारा रि छोटी बेटी थी

जोधपुर मे वा रेती थी

जगदंबा रि पूजा करती थी


बाळ पण तो वनो बीत गियो

मात पिता कन्या दान कियो

कन्या फूला रा हार लिया

जगदंबा ने याद किया


जगदंबा प्रकट विया ले खांडा खप्पर

आ  गई  मैं बेटी  देख  थुँ  ऊपर

मांग बेटी मन चाहे जो वर

बेटी बोली झुका ने सर


माँ तन मन सु थने मे पूजो

थारे सिवा कोई ना दूजो

थु ना आवे साथ मारे

तो ना जाऊ म्हारे हारे


जगदंबा ने वचना मे बांधे

बेटी लिझे तीर तलवार खांधे

समय तिथि रो ध्यान राकजे

लारा  नजर  मति नाकजे


आ बात जगदंबा बता जावे

जानड़ली रवाना हो जावे

समय तिथि रो ध्यान ना आवे

जानड़ली आगे आगे जावे


जगदंबा ने लारा ले जावे

पुजारी मंदिर में जावे

ढोल नंगारा खुब बजावे

जगदंबा रि मुरत नजर ना आवे


पुजारी घबरा जावे

बात सब समझ जावे

कन्या रि जानड़ली जावे

कन्या जगदंबा ने लेजावे


आ बात ठाकुर ने बतावे

तलवार ले ठाकुर रवाना हो जावे

चोटीला मे जा जानड़ली रोकावे

वटे जा तलवार चलावे


खुन हि खुन बह जावे

सब कुछ वटे खतम हो जावे "


ओ देख जगदंबा गाजे गाजे

तीनो लोक मे डंका  बाजे

गरज गरज कर जगदंबा  गाजे

गुफा देख जगदंबा वणमे जा बिराजे


गरज गरज कर जगदंबा गाजण

ई दिन सु जगदंबा केवावे गाजण

बोलो जय माँ गाजण जय माँ गाजण


मंडौर रा राजा था रतन

दानीयो मे था एक रतन

पडीहारा रो राखीयो मान

राठौड़ा ने कर दिया मंडौर दान


राजा रतन मेवाड़ आ जावे

वटे एक राज घराणो बणावे

मंगरा माथे महल माळिया तैयार करावे

वटे सुंदर एक रतनगढ़ बणावे


आज रतनगढ़ आईडाणा केवावे

मंगरा आज माळिया नाम सु जाण्यो जावे

वटे अबे एक  भव्य मंदिर  बणावे

माताजी सब रा काम बणावे

आईडाणा रा सरदार वटे ध्वजा लेरावे


गुण गाउ मु माता रा

छोरा हा आईडाणा रा

पेम जी दाता रे डेरा रा

बेटा हा राम सिंह जी रा

सर पे हाथ मारे केसर सिंह जी दाता रा


राव सुरेन्द्र सिंह परिहार
जय माँ कुल देवी

 (जय माँ गाजण)


     


        

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