लुलावत पड़िहार (प्रतिहार)
राजस्थान में पड़िहारो के काफी संख्या में गांव है जो कि मूल रूप से लुलावत ही है परंतु समय के साथ-साथ अपने पूर्वजों के नाम से उप शाखाओं में में विभक्त होते गए संघन घनत्व की दृष्टि से अवलोकन किया जाए तो रतनसिंघोत लुलावतो की तादाद सबसे ज्यादा हैं बीकानेर तहसील का बेलासर गांव पूरे राजस्थान में इनका सबसे बड़ा गांव है तथा द्वितीय श्रेणी पर पोकरण तहसील का गांव छायण आता है इन दो गांवों के अतिरिक्त इस गोत्र के पड़िहार बीकानेर, रतनगढ़, हुडेरा, सूरतगढ़, नोहर, दून्कर, गोपालसर, धीऀगधाणिया, जाजीवाल, बावरला, जालेली, घुड़ला, व कोलार (पंजाब) आदि गांवों में आबाद है
उपरोक्त गांवों के अलावा राजस्थान के बहुत से दूसरे गांवों में लुलावत पड़िहारो की अन्य उपशाखाएं भी आबाद हैं जैसे कि - उदासर (बीकानेर), दुलचासर, सूरतसिंहपुरा, सुरधना पड़िहारान, मेहरासर, खारड़ा, नापासर, नांदड़ा, अमरपुरा भाटियान, इत्यादि एवं डूंगरगढ, सरदारशहर, नोखा, नागौर, ओसिया, शेरगढ़ तहसीलो के कुछ गांवों में भी आबाद है
उपरोक्त कुछ गांवों में उदयसिंघोत और कुछ गांवों में नादावत व किसी किसी गांव में रामोटा (रामावत) पड़िहार भी आबाद है तथा मूल रूप से अवलोकन किया जाए तो यह सभी लुलावत पड़िहारो से ही निकली हुई उपशाखाएं हैं (सिर्फ रामोटा पड़िहारो को छोड़कर)
श्री गाजण माता युथ ब्रिगेड राजस्थान
राजस्थान में पड़िहारो के काफी संख्या में गांव है जो कि मूल रूप से लुलावत ही है परंतु समय के साथ-साथ अपने पूर्वजों के नाम से उप शाखाओं में में विभक्त होते गए संघन घनत्व की दृष्टि से अवलोकन किया जाए तो रतनसिंघोत लुलावतो की तादाद सबसे ज्यादा हैं बीकानेर तहसील का बेलासर गांव पूरे राजस्थान में इनका सबसे बड़ा गांव है तथा द्वितीय श्रेणी पर पोकरण तहसील का गांव छायण आता है इन दो गांवों के अतिरिक्त इस गोत्र के पड़िहार बीकानेर, रतनगढ़, हुडेरा, सूरतगढ़, नोहर, दून्कर, गोपालसर, धीऀगधाणिया, जाजीवाल, बावरला, जालेली, घुड़ला, व कोलार (पंजाब) आदि गांवों में आबाद है
उपरोक्त गांवों के अलावा राजस्थान के बहुत से दूसरे गांवों में लुलावत पड़िहारो की अन्य उपशाखाएं भी आबाद हैं जैसे कि - उदासर (बीकानेर), दुलचासर, सूरतसिंहपुरा, सुरधना पड़िहारान, मेहरासर, खारड़ा, नापासर, नांदड़ा, अमरपुरा भाटियान, इत्यादि एवं डूंगरगढ, सरदारशहर, नोखा, नागौर, ओसिया, शेरगढ़ तहसीलो के कुछ गांवों में भी आबाद है
उपरोक्त कुछ गांवों में उदयसिंघोत और कुछ गांवों में नादावत व किसी किसी गांव में रामोटा (रामावत) पड़िहार भी आबाद है तथा मूल रूप से अवलोकन किया जाए तो यह सभी लुलावत पड़िहारो से ही निकली हुई उपशाखाएं हैं (सिर्फ रामोटा पड़िहारो को छोड़कर)
श्री गाजण माता युथ ब्रिगेड राजस्थान

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